आरा, भोजपुर। महर्षि सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के सत्संग भवन, महाराजा हाता गली नंबर–2 में एक दिव्य एवं आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीकृष्णा प्रसाद द्वारा किया गया।
सत्संग के दौरान प्रोफेसर उमेश पांडेय ने “भंवरवा के तोहरा संगे जाई”, “मोरा हिला हेराई गया कचरे में” जैसे भावपूर्ण भजनों की अत्यंत मधुर प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में शिवशंकर सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि सद्गुरु से जुड़ने के बाद उसके जीवन में क्या सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा भाव यह होना चाहिए कि “हे प्रभु, आपके चरणों की शरण हमें सदा प्राप्त हो।”
बिहार राज्य समन्वयक सह दक्षिण बिहार महामंत्री भूपेंद्र राय ने सत्संग भवन में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में सत्संग का विशेष महत्व है। जब ब्रह्मविद्या का सत्संग प्राप्त होता है, तो उसकी महिमा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण संसार ईश्वर का प्रकटीकरण है और सत्संग के प्रभाव से मानव जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है, जो जीवन के उत्थान के लिए आवश्यक है।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सद्गुरुदेव के सानिध्य में प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में 23 जनवरी से 27 जनवरी तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय ब्रह्मविद्या वैदिक महायज्ञ में अनिवार्य रूप से भाग लेकर अपने जीवन को कृतार्थ करें।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला सचिव विजय पांडेय, परामर्शक दीपनारायण प्रसाद, मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार, डॉ. अंशु सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार रंजन, जयधीर सिंह, आरा अनुमंडल संयोजिका रीना गुप्ता, जयमालती राय, रीता देवी, पिंकी प्रसाद, बबिता देवी एवं सरस्वती देवी का विशेष योगदान रहा।