आरा में ऑटो चालक की मौत के बाद बवाल, पुलिस लाइन चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन

आरा/पटना। बिहार के आरा में चालान काटने के दौरान कथित उत्पीड़न से आहत एक ऑटो चालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक का उपचार पटना स्थित Patna Medical College and Hospital (PMCH) में चल रहा था, जहां रविवार को उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।

शव रखकर जोरदार प्रदर्शन

मृतक के परिजनों ने आरा पुलिस लाइन चौराहे पर शव रखकर डीटीओ और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आए दिन पुलिस प्रशासन बेवजह चालान काटती है और वाहन चालकों को प्रताड़ित करती है।

मृतक के करीबी भाइयों का कहना है कि “चालान के नाम पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाता है, बल्कि थाने के निजी ड्राइवर भी खुद को अधिकारी बताकर रौब झाड़ते हैं। विरोध करने पर मारपीट तक की नौबत आ जाती है।”

मृतक की फुआ ने आरोप लगाया कि चालान काटने के बाद बीच सड़क पर उसे टेंपू से उतारकर मारा-पीटा गया, बाल खींचे गए और गाली-गलौज की गई। अपमान से आहत होकर उसने पुलिस लाइन चौराहे पर आत्मदाह का प्रयास किया था। गंभीर रूप से झुलसने के बाद पहले आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर पटना रेफर किया गया था।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नगर थाना प्रभारी देवराज राय मौके पर लगातार लोगों को समझाते-बुझाते रहे ताकि आक्रोशित भीड़ कोई बड़ा कदम न उठा ले। प्रशासनिक अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने के साथ उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

एसडीपीओ राज कुमार साह ने तत्काल राहत के तौर पर मृतक के परिजनों को 2 क्विंटल गेहूं, 2 क्विंटल चावल और ₹20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

प्रदर्शन में माले नेता मुद्दीन अंसारी, वार्ड पार्षद सम्राट सक्सेना (वार्ड नंबर 8) और पूर्व वार्ड पार्षद लालू कुमार सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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