Centre of Resilience और आरा रंगमंच के संयुक्त आयोजन में होली मिलन, विदेशी मेहमान भी रंगे फागुन के रंग में

आरा, 2 मार्च। शहर के गोढ़ना रोड स्थित परिसर में सोमवार को Centre of Resilience और आरा रंगमंच के संयुक्त तत्वावधान में “होली मिलन 2026” का सादगीपूर्ण लेकिन रंगारंग आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक कलाकारों, रंगकर्मियों और सांस्कृतिक प्रेमियों ने एकजुट होकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया।

समारोह की शुरुआत पारंपरिक फाग और लोकगीतों से हुई, जिसने पूरे माहौल को फागुनमय बना दिया। राजा बसंत बहार, मनोज मित यादव, पारले जी, अनूप सोनू, सुधीर शर्मा, बम ओझा और डॉ. मदन मोहन द्विवेदी सहित कई लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

“होली खेले नंदलाल”, “सियाराम खेले होली”, “बंगला में उड़े ला गुलाल” और “रंग बरसे” जैसे गीतों पर श्रोता देर तक झूमते रहे। ढोलक और नाल की थाप ने कार्यक्रम में पारंपरिक रंग भर दिया, जिससे गोढ़ना रोड और आसपास का इलाका देर शाम तक सुरों और रंगों से गूंजता रहा।

कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें अनिल तिवारी दीपू, अशोक मानव, संजय पाल, निराला जी (नाल वादक), जे.पी. शर्मा (नाल वादक), अनिल सिंह, ओ.पी. पांडे, करिश्मा सिंह, प्रशांत उपाध्याय, मंगलेश तिवारी, लव कुमार, बिपिन उपाध्याय, मनोज श्रीवास्तव, साहेब लाल यादव, आलोक कुमार टूटू, आलोक सिंह, ब्रिज तोमर, अमित कुमार सिंह (डीपीओ नमामि गंगे) और नेमीचंद समेत कई लोग शामिल रहे।

स्कॉटलैंड से आए मेहमान बने आकर्षण का केंद्र

समारोह का विशेष आकर्षण स्कॉटलैंड से आए विदेशी मेहमान माइकल येलो रहे। उन्होंने भी अबीर-गुलाल के साथ होली का आनंद लिया और ढोलक-फाग की धुन पर झूमते नजर आए। स्थानीय कलाकारों के साथ उनकी सहभागिता ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय रंग दे दिया।

बताया गया कि माइकल येलो एक घुमक्कड़ यात्री हैं, जिन्होंने अपने कुत्ते के साथ पैदल कई देशों की लंबी यात्राएं की हैं। यात्रा के दौरान मिले सहयोग और फंड के माध्यम से उन्होंने विभिन्न देशों में वृक्षारोपण और छोटे-छोटे जंगल विकसित कराने का कार्य भी किया है। आरा में भारतीय लोक संस्कृति और होली के रंगों से रूबरू होकर उन्होंने इसे अविस्मरणीय अनुभव बताया।

प्रेम और परंपरा का संदेश

आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और परंपराओं को जीवित रखने का सशक्त माध्यम हैं। होली मिलन समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रंगों का यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर भी है।

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