आरा, भोजपुर। महर्षि सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के भोजपुर जिला सत्संग भवन, महाराजा हाता गली नं.-2 में होली मिलन सह सत्संग का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आध्यात्मिक रंग में सराबोर होकर होली के पावन पर्व को मनाया। मंच संचालन श्रीकृष्णा प्रसाद ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति गीतों से हुई। प्रोफेसर उमेश पांडेय ने “फागुन पिया घर नाही, विरह सतावे, फागुन रितु फूले वन पेसु कोयल शब्द सुनावे” गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया। वहीं पूनम देवी ने सामुदायिक स्वर में “प्यारे खेलो विहंगम होली, डोरी मकर धरोरी” भजन प्रस्तुत किया। शीला देवी ने “सखी खोल हो किवाड़, सद्गुरु होली खेले अईले” तथा रानी देवी ने “सद्गुरु संग होली खेलन आयो, गुरु पद कैसे मिले, मन जालिम धूम मचावे” जैसे सुरीले गीतों से उपस्थित श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

मुख्य वक्ता के रूप में बिहार राज्य समन्वयक सह दक्षिण बिहार महामंत्री भूपेंद्र राय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति नववर्ष के आगमन पर फूल-मंजरी के साथ नवजीवन का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि होली मिलन का वास्तविक अर्थ आत्मा और परमात्मा का मिलन है। मानव शरीर में आत्मा-परमात्मा के मिशन के मार्ग में जो आंतरिक उथल-पुथल होती है, उसी को ‘धूम मचाना’ कहा जाता है। उन्होंने सभी से आध्यात्मिक साधना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भोजपुर जिला उप सचिव योगेंद्र सिंह उर्फ टूनु सिंह, परामर्शक दीपनारायण प्रसाद, मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार, डॉ. अंशु सिंह, निर्मल चंद प्रसाद, हरे राम पाठक, आरा अनुमंडल संयोजिका रीना गुप्ता, जयमालती राय, रीता देवी, पिंकी प्रसाद एवं कंचन तिवारी सहित अन्य सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही।
अंत में गुरु-शिष्य प्रार्थना के साथ सत्संग भवन पर 16 ध्वजारोहण एवं ध्वजा गान किया गया। शांति पाठ के पश्चात सभी गुरु भाई-बहनों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन भक्ति, आध्यात्मिक चिंतन और सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बनकर उभरा।