नई FIR दर्ज, केस डायरी और FSL रिपोर्ट की गहन पड़ताल; परिवार ने SIT के DNA नोटिस पर उठाए सवाल
पटना, राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच ने नया मोड़ ले लिया है। बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)** ने आधिकारिक रूप से केस अपने हाथ में ले लिया है और नई FIR दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हॉस्टल पहुंची CBI टीम
सूत्रों के मुताबिक CBI की टीम ने छात्रा के ठहरने वाले गर्ल्स हॉस्टल का दौरा कर घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स, फॉरेंसिक रिपोर्ट और स्थानीय पुलिस की केस डायरी को अपने कब्जे में लिया है। जांच एजेंसी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL निष्कर्षों का भी बारीकी से अध्ययन कर रही है।
FSL रिपोर्ट के बाद बढ़ी गंभीरता
फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर अन्य व्यक्ति के स्पर्म मिलने की पुष्टि के बाद मामले की दिशा बदल गई थी। इसी के बाद DNA प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया शुरू हुई।
SIT बनाम CBI—परिवार ने उठाए सवाल
हालांकि जांच अब CBI के पास है, लेकिन पूर्व में गठित SIT द्वारा परिजनों को DNA सैंपल के लिए नोटिस भेजे जाने पर परिवार ने आपत्ति जताई है। परिजनों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस कार्रवाई और सियासी हलचल
मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इधर, घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
स्थिति अभी स्पष्ट नहीं
14 फरवरी 2026 तक की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, CBI साक्ष्यों का मिलान और संदिग्धों से पूछताछ की प्रक्रिया में जुटी है। DNA रिपोर्ट के अंतिम निष्कर्ष और जांच एजेंसी की आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।