आरा। इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) का 6वां भोजपुर जिला सम्मेलन शनिवार को आरा के रोहित वेमुला सभागार (नागरी प्रचारिणी सभागार) में पंचम कुमार मंच पर आयोजित हुआ। सम्मेलन में युवाओं ने रोजगार, शिक्षा में बराबरी और दमन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
सम्मेलन के खुले सत्र की शुरुआत ‘समता अधिकार मार्च’ से हुई। मार्च नागरी प्रचारिणी सभागार से निकलकर अंबेडकर चौक, जेपी मूर्ति होते हुए सुभाष चंद्र बोस चौक तक गया। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. भीमराव अंबेडकर, जयप्रकाश नारायण और सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
मार्च का नेतृत्व आरवाईए के राष्ट्रीय महासचिव नीरज कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष व डुमरांव के पूर्व विधायक अजित कुशवाहा, राज्य सचिव व अगिआंव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन तथा दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता अंजली ने किया। “एक करोड़ रोजगार – मांग रहा युवा बिहार”, “न्याय व बराबरी के लिए यूजीसी रेगुलेशन लागू करो” और “रोहित एक्ट के प्रस्ताव के आधार पर नियम बनाओ” जैसे नारों से शहर गूंज उठा।
दमन से आंदोलन नहीं रुकेगा: नीरज कुमार
मुख्य वक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सम्मेलन से एक दिन पहले मोदी सरकार ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के आंदोलनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज कर 14 छात्रों को जेल भेज दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दमन के जरिए छात्र–युवा आंदोलनों को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे आंदोलन और तेज होगा।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र नेताओं पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और उत्तर प्रदेश में ‘बुलडोजर राज’ चल रहा है। “रोजगार के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार के पास युवाओं को देने के लिए नफरत और दमन के अलावा कुछ नहीं है,” उन्होंने कहा।
रोजगार नहीं मिला तो चक्का जाम: अजित कुशवाहा
राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित कुशवाहा ने कहा कि चुनाव से पहले युवाओं से करोड़ों रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज भी बेरोजगारी की स्थिति जस की तस है। “एक करोड़ रोजगार – मांग रहा युवा बिहार” अब राज्यव्यापी नारा बन चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि रोजगार नहीं मिलने पर बिहार में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
यूजीसी नियम अविलंब लागू हों: अंजली
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता अंजली ने कहा कि लखनऊ, इलाहाबाद, बिहार और दिल्ली सहित देशभर में छात्र-युवा समता और न्याय की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए यूजीसी नियमों को तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
67 सदस्यीय जिला कमिटी का गठन
सांगठनिक सत्र सात सदस्यीय अध्यक्ष मंडल की देखरेख में संपन्न हुआ। राज्य कमिटी द्वारा नामित पर्यवेक्षक विनय कुमार की उपस्थिति में 67 सदस्यीय जिला कमिटी का गठन किया गया। निरंजन कुमार केसरी को जिला सचिव और विशाल कुमार को जिला अध्यक्ष चुना गया।
सम्मेलन में विभिन्न छात्र और जनसंगठनों के नेताओं ने भाग लिया और भोजपुर की आंदोलनकारी परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।