बिहार के मोतिहारी स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। यह भव्य शिवलिंग 33 फीट ऊंचा है और इसका कुल वजन 210 मीट्रिक टन बताया जा रहा है। विशेष बात यह है कि यह शिवलिंग एक ही पत्थर से निर्मित ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ है, जिसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में तैयार किया गया।
इस अद्भुत शिवलिंग का निर्माण महाबलीपुरम के पट्टीकाड़ू गांव में किया गया, जिसमें करीब 10 वर्षों का समय लगा। शिवलिंग को आकार देने की प्रक्रिया में लगभग सात साल का समय लगा, जबकि पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3 करोड़ रुपये की लागत आई है।
शिवलिंग की संरचना को तीन भागों में विभाजित किया गया है। इसका निचला भाग ब्रह्मा को समर्पित है, मध्य भाग विष्णु का प्रतीक है, जबकि शीर्ष भाग को शिव भाग कहा गया है। यह शिवलिंग 1008 सहस्त्रलिंगम से युक्त है, जो इसकी आध्यात्मिक और धार्मिक महत्ता को और बढ़ाता है।
स्थापित शिवलिंग में 36 फीट ऊंचा आधार पीठ और 18 फीट ऊंचा शिव भाग शामिल है। इन दोनों को मिलाकर भूतल से इसकी कुल ऊंचाई 54 फीट तक पहुंचती है। शिव भाग आधार पीठ के शीर्ष और अर्घा के अग्र भाग में स्थापित किया गया है।
विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की स्थापना के साथ ही मोतिहारी का विराट रामायण मंदिर धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर हो गया है।